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ढोले रे धमाके जसोलधाम में निकल्या देव नगर भ्रमण ने

ढोले रे धमाके जसोलधाम में निकल्या देव नगर भ्रमण ने

थिरके गेरिए, जयकारो से गूँज उठा जसोल 

आज देव प्रतिमाएं होगी प्रतिष्ठित, होगा सन्त समागम

जसोल- आसमान से हेलीकॉप्टर के जरिए बरसते फूल, ढोल व धमाके के साथ युवा केसरिया ध्वज फहराते हुए घोड़ो पर व राजस्थानी वेश धारण कर थिरकते गेरिये निकले तो जसोल का सारा जंहा नजारा देखने लायक था। बुधवार को पश्चिमी राजस्थान के शक्तिपीठ जसोल धाम में धार्मिक कार्यक्रम में लोगो का हुजूम उमड़ पड़ा। श्री राणी भटियाणी की पवित्र धरा पर  नवनिर्मित श्री सवाईसिंहजी, श्री लालबन्नासा, श्री बायोसा, श्री खेतलाजी व श्री भेरूजी के मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में जब हजारों लोगो के साथ प्रतिष्ठित होने वाली देव प्रतिमाओं का नगर भ्रमण हुआ तो सारा जसोल स्वागत करते हुए दिखा। मन्दिर प्रबंधन कमेटी सदस्य फ़तेहसिंह ने बताया कि जसोलधाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर प्रतिष्ठित होने वाली देव देव प्रतिमाओं को मंगल आरती के साथ अंतराष्ट्रीय प्रवक्ता जूना अखाड़ा व दुधेश्वरनाथ मठ गाजियाबाद नारायण गिरी महाराज, कनाना श्री मठ मठाधीश महंत परशुराम गिरी महाराज व वरिया महंत गणेशपुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में नगर भ्रमण के लिए सजाया गया तथा सुंदर वस्त्रों से श्रृंगार किया गया। नगर भ्रमण को लेकर निकले सजे रथ पर देव प्रतिमाओं को विराजित कर नगर भ्रमण हेतु निकली शोभायात्रा श्री राणी भटियाणी मन्दिर से मुख्य बस स्टैंड, आजाद चौक, कन्हैयालाल जी मन्दिर, मुख्य बाजार, इलोजी चौक, आयुर्वेदिक अस्पताल होते हुए जसोलगढ़, बायोसा मन्दिर, रावल मल्लीनाथ सर्किल, नाकोड़ा रोड, अम्बेडकर सर्कल, बस स्टैंड होते ढोल नगाड़ों और पूरे जोश और उत्साह के साथ निकली। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में महिलाओं-पुरुषों तथा बच्चों ने भाग लिया। शोभायात्रा में सभी भक्तगण देवताओं की स्तुति करते हुए नजर आए। तथा जयकारों से सारा जसोल गांव गूँज उठा। देव प्रतिमाओं के नगर भ्रमण के दौरान मन्दिर ट्रस्ट अध्यक्ष रावल किशनसिंह जसोल, सिणधरी रावल विक्रम सिंह, गजेन्द्रसिंह जसोल, ईश्वरसिंह भवराणी, पूंजराज सिंह वरिया, मांगूसिंह जागसा, सुंरगीलाल सालेचा, देवेंद्रकुमार माली, डॉ सौरभ शारदा सहित सेकड़ो लोग मौजूद रहे।

नौकुंडीय यज्ञ में दी गई आहुतियां- 

प्रतिष्ठा महोत्सव में मन्दिर प्रांगण में आयोजित हो रहे
नौकुंडीय यज्ञ में प्रतिदिन आहूति दी जा रही है। चारो वेदों के ज्ञाता विद्वान पंडितों के सानिध्य में पूजन करवाते हुए मंत्रो के साथ आहुतियां दिलाई गई। जिसमें यजमानों ने पारंपरिक धोती, कुर्ता साफा पहन कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन में आहुति देकर देश प्रदेश में सुख शांति की कामना की। नौ कुंडीय इस यज्ञ में बैठने के लिए प्रतिदिन भक्तों में काफी उत्साह झलकता दिखाई दिया। हवन व हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा का लाभ गोपाल राठी, महेश कुमार चांडक परिवार ने लिया।
भजनो की बही सरिता- 

जसोलधाम में देव प्रतिमाओं के प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर मंगलवार रात्रि में आयोजित हुए भक्ति जागरण में गायकों ने अपनी प्रस्तुति दी। माजीसा, सवाईसिंह व राणी रूपादे के भजनों ने मंत्रमुग्ध कर दिया। जिस पर श्रोता झूम उठे। कमेटी सदस्य फ़तेहसिंह ने बताया कि बुधवार को पंडित गिरीश कुमार द्वारा कन्या पूजन करवाया गया। जिसमें कन्या पूजन व भोजन प्रसादी का लाभ लालसिंह,  सिसोदिया असाड़ा, अर्जुन सिंह मारोल परिवार सिरोही ने लिया।
विधि विधान से आज प्रतिष्ठा महोत्सव- 

जसोलधाम में नवनिर्मित श्री सवाईसिंहजी, श्री लालबन्नासा, श्री बायोसा, श्री खेतलाजी व श्री भेरूजी के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। जिसको लेकर मंदिर पर आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से सजावट की गई, दूर से लोग इसके निहारते नजर आ रहे है जो आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। देव प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के कई सन्तों का सानिध्य मिलेगा। 
आंठवे दिन रामकथा ने सन्तो की महिमा का गुणगान - 

प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर श्री राणी भटियाणी मन्दिर संस्थान जसोलधाम में आयोजित हो रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के आंठवे दिन कथा व्यास पंडित अभिषेक जोशी ने कहा कि संतों की कृपा से ही समागम होता है। रामकथा के जरिए मनुष्य का जीवन संवर जाता है। वह बुरे कर्म छोड़कर नेकी की राह पर चल पड़ता है। सत्संग से मानव अपने साथ-साथ परिवार एवं समाज का भी कल्याण करने लगता है। संत की कृपा से सत्संग मिलती है और जब संत विशेष कृपा करता है तो समागम मिल जाता है।